ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन नई दिल्ली ने 400 विजेताओं और 1749 प्रतिभागियों को सम्मानित किया। 

ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन नई दिल्ली ने 400 विजेताओं और 1749 प्रतिभागियों को सम्मानित किया।

National Competition
#Award Ceremony.

युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाते हुए ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन ने ऑनलाइन पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया। ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन के संस्थापक डॉ • श्री परमानन्द शुक्ला ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और विजेताओं को सम्मान पत्र वितरित किए। मंच संचालन संस्था के सलाहकार श्री अशोक गुप्ता ने किया। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तीर्ण हो चुके 400 लोगो को शाम 7 बजे आनलाइन ज़ूम एप से सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान पाने वाले छह लोगों को भारत गौरव सम्मान, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को स्वामी विवेकानंद सम्मान तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को ज्ञान शक्ति सम्मान से भी सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन 25 दिसंबर 2024 को किया गया था जिसमें लगभग दो हज़ार लोगों ने भाग लिया था। यह प्रतियोगिता ऑन लाइन थी जिसमें सभी विषयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर प्रतिभागियों को देने थे। संस्था के लिए यह गर्व का पल था क्योंकि इसमें भारत के विभिन्न प्रांतों के लोगों ने भाग लिया था। संस्था का उद्देश्य प्रतियोगिता के माध्यम से भारत की विरासत और संस्कृति से लोगों को परिचित कराना था। परीक्षा में नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पूरा ध्यान रखा गया था। सभी विषयों सहित एआई को भी विशेष रूप से सम्मिलित किया गया था।पूरे भारत से 1749 प्रतिभागियों, 123 स्कूलों और बहुत से सामाजिक संस्थानों ने इस आनलाइन प्रतियोगिता में भाग लिया। संस्थापक महोदय ने सभी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा की हमें सभी प्रतिभागियों पर गर्व है। हम आगे भी ऐसे आयोजन करते रहेंगे। उन्होंने अपनी राष्ट्रीय टीम पर गर्व करते हुए कहा की इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में हमारी राष्ट्रीय टीम का महत्वपूर्ण योगदान है। हमें सभी सदस्यों पर गर्व है। सफल आयोजन पर सभी राष्ट्रीय सदस्यों को “राष्ट्रीय गौरव सम्मान” और “बेस्ट अचीवर अवार्ड” देकर संस्थापक महोदय द्वारा सम्मानित किया गया। संस्थापक महोदय ने सभी को दिल की अनंत गहराइयों से हार्दिक बधाई दी। डॉ परमानंद शुक्ल जी ने बताया कि हमने वीआईपी सिस्टम समाप्त कर दिया है और हमारे किसी भी कार्यक्रम में बाहर से किसी मुख्य अतिथि को नहीं बुलाया जाता है बल्कि जुड़े हुए सभी प्रतिभागियों में से किसी एक को मुख्य अतिथि बनाया जाता है। इसी क्रम में प्रतिभागी श्रीमती स्नेह लता कंप्यूटर शिक्षिका सेंट ऐन्स कॉन्वेंट स्कूल, चंडीगढ़ सीबीएसई रजिस्टर्ड रिसोर्स पर्सन मुख्य अतिथि रही जिन्होंने अपने संबोधन में संस्था के सभी सदस्यों और प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की प्रसंशा करते हुए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कही की हमें संस्था और संस्था से जुड़ने वाले सभी सदस्यों पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में बताई की पहली बार मुख्य अतिथि के रुप में हमें बहुत खुशी हो रही है। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे मुख्य अतिथि बनाया गया है। इसके लिए मैं टीम ज्ञानशक्ति का आभार व्यक्त करती हूं और खास करके संस्थापक महोदय की आभारी हूं। हमें इस संस्था और संस्था के कार्यों से गर्व महसूस हो रहा है।

14 thoughts on “ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन नई दिल्ली ने 400 विजेताओं और 1749 प्रतिभागियों को सम्मानित किया। ”

  1. Madhu sharma

    Is team ki sadasya hone wa Rashtriya ‘Gaurav samman’ evam ‘Best achiever award’pane par Mai bahut gaurwanvit mahsoos kar rahi hu. G.S.F sansatha ke sans thapak Dr.parmanand shukala ji ka dil ki anant gaharaiyon se dhanyawad wa team members ko hardik badhai.is team ki Ekta ko banaye rakhte hue ham sanstha ko unchaiyon par le Jane ka bharsak prayas karenge.

  2. Madhu sharma

    Is team ki sadasya hone wa Rashtriya ‘Gaurav samman’ evam ‘Best achiever award’pane par Mai bahut gaurwanvit mahsoos kar rahi hu. G.S.F sansatha ke sans thapak Dr.parmanand shukala ji ka dil ki anant gaharaiyon se dhanyawad wa team members ko hardik badhai.

  3. Sanagala Chandra Sekhar

    GSF new Delhi India is a great organization.Dr.Paramanamda sukla, The founder and director of GSF new delhi India is a noble and well wisher He conducted
    Many online classes which are very useful for us.It’s my fortune that I got the great opportunity to be a member of GSF ‘s National Team.I always thankful to Dr.Paramanamda Sukla sir.

  4. ज्ञान शक्ति फाउंडेशन विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से व्यक्तिगत सशक्तिकरण और हिंदी भाषा के प्रचार के लिए प्रतिबद्ध है। उनकी पहल शैक्षिक संसाधनों और कौशल विकास मंचों की पेशकश करके सभी व्यक्तियों, विशेष रूप से महिलाओं के उत्थान पर केंद्रित है। फाउंडेशन ऐसी प्रतियोगिताएँ आयोजित करता है जो हिंदी साहित्य, कला और संस्कृति में भागीदारी को प्रेरित करती हैं, भाषा में गर्व और दक्षता पैदा करती हैं। यह समर्पण न केवल महिलाओं को सशक्त बनाता है बल्कि हिंदी को भारत की सांस्कृतिक विरासत के एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में संरक्षित भी करता है। संस्थापक और निदेशक डॉ. परमानंद शुक्ला को संगठन को ऊपर उठाने और हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने में सभी सदस्यों को शामिल करने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए विशेष धन्यवाद। पुरस्कार विजेता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनने का अवसर देने के लिए विशेष धन्यवाद।

  5. Thanks to our director and founder of GSF who organised such a big program of prize distribution. We hope that such competitions will occur in future also
    Thank you

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