*26 जनवरी के पावन अवसर पर ज्ञान शक्ति सेवा फाउंडेशन द्वारा भव्य लाइव वेबीनार का आयोजन*
नई दिल्ली, 26 जनवरी 2026
ज्ञान शक्ति सेवा फाउंडेशन के डायरेक्टर आदरणीय डॉ. परमानंद शुक्ला जी के मार्गदर्शन में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर एक भव्य लाइव वेबीनार का सफल आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम देशभक्ति, संविधान की अस्मिता एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को समर्पित रहा।
इस गरिमामय वेबीनार के मुख्य अतिथि डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्रा जी ( प्रधानाचार्य
जुगल शीतला सीनियर सेकेंडरी स्कूल छिबरामऊ कन्नौज ) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. हरीश मिश्रा जी संरचना अभियंता) रहे।
कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन श्रीमती कविता देवी जी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ *‘वंदे मातरम्’* के भावपूर्ण गायन से हुआ। इसके पश्चात सभी उपस्थित महानुभावों ने दीप प्रज्वलन कर देश के अमर शहीदों एवं वीर देशभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र में डॉ. परमानंद शुक्ला जी ने अपने उद्बोधन में ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए 26 जनवरी के ऐतिहासिक एवं संवैधानिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि 15 अगस्त एवं 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें, जिससे उनमें देशभक्ति के संस्कार और राष्ट्र के प्रति प्रेम की भावना सुदृढ़ हो।
डॉ. योगेश्वर दुबे जी ने मुख्य अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया तथा “भारत के नाम” संदेश के साथ देशभक्ति कविता “जो रक्त लेकर आए हैं हमारे वास्ते” का पाठ कर वातावरण को राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत कर दिया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में देशभर से जुड़े शिक्षकों एवं साहित्यकारों ने देशभक्ति से परिपूर्ण कविताओं एवं शायरियों का सस्वर पाठ किया—
श्रीमती कविता देवी जी — “मैं भारत हूँ”
सुनीता चंदना जी — प्रभावशाली शायरी
श्रीमती अनुराधा राजपुरोहित — 26 जनवरी के महत्व, संविधान की शान एवं अस्मिता पर प्रेरक भाषण
अनिल शर्मा जी — शहीद के जीवन पर आधारित मार्मिक कविता
विश्व रंजन त्रिपाठी जी — संस्कृत में दीप प्रज्ज्वलन वंदना एवं “विश्व गुरु अब भारत कहलाएगा” विषय पर विचार
सरोज बाला जी — “तिरंगा”
रेखा चंद्रकांत बारी — “तिरंगा साक्षी है”
स्वीटी उल्लास — देशभक्ति कविता
डॉ. जी.एस. वाणी जी — “एक कामकाजी महिला”
राखी बंसल जी — “नस-नस में बहने वाले लहू की कसम है”
श्रीमती वंदना अवस्थी जी , श्रीमती रेखा जी सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी काव्य प्रस्तुतियाँ दीं।
राजलक्ष्मी आर. द्वारा स्व-रचित कविता “मेरा भारत महान” विशेष आकर्षण का केंद्र रही। डॉ• स्मिता पिसे द्वारा कार्यक्रम की सफल योजना तैयार की गई।
कार्यक्रम के समापन सत्र में
ज्ञान शक्ति सेवा फाउंडेशन की आब्जर्वेशन कमेटी की ओर से मुख्य अतिथि डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्रा जी को “राष्ट्रीय गौरव सम्मान” तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. हरीश मिश्रा जी को “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि महोदय ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन और प्रस्तुति की प्रसंशा करते हुए कहे की वास्तव में यह एक बहुत ही गौरवान्वित करने वाला सफल कार्यक्रम रहा। देश भर से जुड़े सभी शिक्षकों और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की ढेरो सारी बधाइयाँ दिए। संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ • परमानन्द ने सभी को सम्मानित करते हुए गर्व महसूस किया। साथ ही कार्यक्रम में सहभागिता निभाने वाले सभी शिक्षकों को “हिंदी रत्न सम्मान” के प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। सहभागिता सम्मान पत्र दिया गया।
यह लाइव वेबीनार राष्ट्रप्रेम, साहित्य और संवैधानिक चेतना का एक प्रेरणादायक संगम सिद्ध हुआ, जिसने सभी प्रतिभागियों के मन में देश के प्रति गर्व, सम्मान और कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक प्रबल किया। परवीन चौधरी, सुनीता देवी सहित सैकड़ों शिक्षक और शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों ने जुड़कर इस कार्यक्रम को सफल बनाया। श्रीमति किरन शर्मा जी डीएसओ और आल इंडिया आकाशवाणी न्यूज रीडर सहित , इसरो के वैज्ञानिक डॉ• एसपी कपूर जी जैसे अनेको जानी- मानी हस्तियों ने इस सफल कार्यक्रम हेतु संस्था और संस्था के संस्थापक और सदस्यों को हार्दिक बधाइयाँ दिए।
It was indded a great occasion. On Republic day a live webinar with such a wonderful thoughts and literature. Thank you sir for taking initiative for conducting such a wonderful program
ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन ने बहुत ही सराहनीय एवं उत्तम कार्य कर दिखलाया है।
गणतंत्र दिवस पर इसका महत्व और भी बढ़ गया जब अलग अलग अलग भाषा भाषी होते हुए भी एक साथ हमने मिलकर इस राष्ट्रीय त्योहार को मनाया। मुझे गर्व है मैं इस समूह की सदस्या हूं।
बहुत ही शानदार कार्यक्रम रहा।मन बहुत ही आनंन्दित हुआ।डॉ. परमानन्द शुक्ल जी एवं उनकी पूरी टीम को बहुत बहुत साधुवाद।कवियों द्वारा बहुत ही सुन्दर कविता द्वारा प्रस्तुति की गयी।
वास्तव मे डॉ.परमानन्द शुक्ल जी देश के सजग प्रहरी एवं समाज सेवक हैं।